Sawan 2024: सावन में कांवड़िए हरिद्वार क्यों जाते हैं, क्या है इसका महत्व


22 जुलाई 2024 सोमवार, से सावन माह की शुरुआत होने वाली है। इस बार सावन की शुरुआत सोमवार से होने के कारण ये दिन बेहद शुभ होने वाला है। इस दिन से कांवड़ यात्रा की भी शुरुआत हो रही है। कांवड़ यात्री भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए पैदल यात्रा करते हैं।

By Ekta Sharma

Publish Date: Mon, 15 Jul 2024 09:42:41 AM (IST)

Updated Date: Mon, 15 Jul 2024 10:14:06 AM (IST)

हरिद्वार जाते कांवड़ यात्री (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. सावन के महीने में कांवड़ियो का जनसैलाब उमड़ पड़ता है।
  2. श्रावण मास में शिवजी को पवित्र नदियों का जल चढ़ाते हैं।
  3. यह जल अधिकतर रूप से कांवड़िए हरिद्वार से ही लाते हैं।

धर्म डेस्क, इंदौर। Sawan 2024: सावन का महीना जल्द ही शुरू होने वाला है। इस साल सावन माह में पांच सोमवार व्रत पड़ रहे हैं। सावन के महीने में शिवभक्त मंदिरों में जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। सावन के महीने में कांवड़ यात्रा का भी विशेष महत्व होता है।

इस महीने सड़कों पर कांवड़ियो का जनसैलाब उमड़ पड़ता है। भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए भक्त पवित्र नदी से कांवड़ में जल लेकर आते हैं। मान्यता है कि श्रावण मास में भगवान शिव को पवित्र नदियों का जल चढ़ाने से भगवान शिव की विशेष कृपा बनी रहती है।

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हरिद्वार जाते हैं अधिकतर कांवड़िए

  • भारत में कई प्रसिद्ध गंगा घाट हैं, जहां स्नान करने से भक्तों को पापों से मुक्ति मिलती है।
  • भारत में ऋषिकेश, वाराणसी, सोरों घाट, त्रिवेणी घाट बहुत प्रसिद्ध हैं। यहां भी कावड़िए जल लेने जाते हैं।
  • ज्यादातर कावड़िए हरिद्वार से ही जल लेते हैं।
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के महीने में भगवान शिव अपने ससुराल राजा दक्ष की नगरी में रहते हैं।
  • इस तरह सावन माह में वे हरिद्वार के कनखल में रहे हैं।
  • यही कारण है कि कावड़िए जल लेने के लिए हरिद्वार जाते हैं।

पवित्र नदियों से लेकर आते हैं जल

सावन के महीने में कावड़िए देश के प्रसिद्ध घाटों से गंगा जल लाते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। हरिद्वार के हर की पौड़ी स्थित ब्रह्मकुंड से गंगा जल भरकर भगवान शंकर का जलाभिषेक करना बहुत शुभ होता है। मान्यता है कि इस तरह भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना सावन 22 जुलाई से शुरू होकर 19 अगस्त को खत्म होगा। इस साल सावन शिवरात्रि 2 अगस्त 2024 को है। इस दिन कांवड़िए भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।

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