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2 months, 3 weeks agoUP खबर — बरेली में विदेशी नागरिकों की पहचान व सत्यापन अभियान
जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों — खासकर Pakistani और Bangladeshi नागरिकों तथा Rohingya प्रवासियों — की पहचान के लिए पुलिस फिर से सक्रिय हुई है।
पुलिस और स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) द्वारा ब्योरा तैयार किया गया है — जिसके अनुसार जिले में वर्तमान में 35 पाकिस्तानी और 25 बांग्लादेशी नागरिक हैं। वहीं, अभी तक किसी रोहिंग्या नागरिक की पुष्टि नहीं हुई है।
विदेशी नागरिकों की स्थिति
उन 35 पाकिस्तानी नागरिकों में 27 महिलाएं व 5 पुरुष शामिल हैं, जो दीर्घकालीन वीजा (long-term visa) पर बरेली में रह रहे हैं। 25 बांग्लादेशी नागरिकों में से कुछ जेल में बंद हैं, कुछ जमानत पर हैं। कुछ स्थानीय परिवारों में शादी-ब्याह के बाद रह रही महिलाएं भी शामिल हैं।
नया अभियान — सत्यापन, डिटेंशन सेंटर और deportation
जिला प्रशासन और पुलिस ने आदेश दिए हैं कि हर थाना क्षेत्र में डोर-टू-डोर सत्यापन किया जाए — विशेषकर उन इलाकों में जहाँ झुग्गी-झोपड़ी, अस्थायी बस्तियाँ, किराये के कमरे, या डेरे बने हुए हैं।
जिनके पास पहचान या निवास प्रमाण नहीं पाए गए — चाहे फर्जी कागजात हों या कोई दस्तावेज़ ही न हो — उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी: FIR दर्ज, हिरासत, और deportation (देश वापसी) की प्रक्रिया।
इसके लिए बरेली में एक अस्थायी हिरासत केंद्र (डिटेंशन सेंटर) बनाये जाने की तैयारी है, ताकि सत्यापन के दौरान संदिग्धों को रखा जा सके।
अधिकारियों का कहना
Bareilly Police (एसएसपी प्रभारी — अनुराग आर्य) का कहना है कि यह कार्रवाई राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत चल रही है।
पुलिस नियमित तौर पर पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिकों की गतिविधियों की निगरानी कर रही है। साथ ही, कश्मीरी मूल के लोगों की नागरिकता जांच भी की जा चुकी है।
रोहिंग्या — अभी कोई पुष्टि नहीं
रिपोर्ट बताती है कि अब तक जिले में किसी रोहिंग्या प्रवासी की मौजूदगी का पता नहीं चला है।
फिर भी, अभियान में रोहिंग्या समुदाय सहित सभी विदेशी या संदिग्ध नागरिकों के रहने और पहचान के कागजातों की पूरी पड़ताल की जा रही है।

